राजनीति

क्यों दयाल सिंह कॉलेज का नाम परिवर्तन अस्वीकार्य है ?

दयाल सिंह कॉलेज दिल्ली यूनिवर्सिटी के अंतर्गत एक को-ऐड कॉलेज है | जिसकी स्थापना सरदार दयाल सिंह मजीठिया जी ने सन १९५९ में की थी | मिनिस्ट्री ऑफ़ हयुमन रिसोर्सेज के अनुसार, दयाल सिंह कॉलेज दिल्ली यूनिवर्सिटी के सर्वोत्तम १० कॉलजों के श्रेणी में आता है | इस कॉलेज के द्वारा स्नातक (ग्रैजुएशन) एवं स्नातकोत्तर (पोस्ट – ग्रैजुएशन ) कोर्सेज संचालित किये जाते हैं | यह कॉलेज पिछले कुछ दिनों से नाम परिवर्तन को लेकर काफी चर्चा में रहा है !

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कौन थे दयाल सिंह ?

दयाल सिंह कॉलेज कॉलेज साऊथ दिल्ली में है, एवं साउथ दिल्ली के अच्छे कॉलजों में से एक माना जाता है | इस कॉलेज के संस्थापक सरदार दयाल सिघ जी एक समाज सुधारक, बैंकर एवं एक सच्चे देश भक्त सिख थे | परमार्थ कार्यों से जुडे़ दयाल सिंह मजीठिया ने अपना पूरा जीवन और अपनी जमा पूंजी शिक्षा में लगाई और कई स्कूल कॉलेज स्थापित किए | लाहौर में भी एक दयाल सिंह कॉलेज है |

हमारा राजतन्त्र

क्या हमारे नेता लोग नहीं जानते कि इसी कॉलेज के प्रसिद्धि के कारण, शहर में कॉलोनी भी दयाल सिंह कॉलोनी के नाम से जानी जाती हैं | परन्तु ये नेता लोग, आम जनता की सोच एवं भावनाओ से परे सदैव मतलब की राजनीती खेलते हुए ही आगे बढ़ते हैं | दूसरी ओर विदेशो में एवं महानगरों में जब कोई नयी कॉलोनी बनती है, तो उसकी इंफ्रास्ट्रक्टर से लेकर, कॉलेज, स्कूल, हॉस्पिटल आदि सभी ध्यान में रखकर कॉलोनी का गठन होता है | लेकिन भारत में कंही न कंही सत्ता का मलतब ही अशांति हो गया हैं | क्योंकि नेता एवं कुछ संगठनो का काम बिनावजह कि राजनीती हैं ? क्यों न यह लोग सामाजिक मुद्दों पे विचार विमर्श करें और देश के विकास के लिए कुछ सोचे ?

कंही न कंही इस कॉलेज के नाम को बदलने से सिखों की भावनाएं आहत होंगी | आमजन की भावनाओं से खिलवाड़ कर अनावश्यक विवाद पैदा करने का कोई औचित्य नहीं है |

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